न्यूयार्क के ब्रोन्क्स चिड़ियाघर में एक बाघ में कोरोना का संक्रमण पाया गया। इसके बाद भोपाल के वन विहार सहित प्रदेश के सभी चिड़ियाघरों और टाइगर रिजर्व केे वन्य प्राणियों की 24 घंटे निगरानी के आदेश दिए गए हैं।
यह आदेश देश की वाइल्ड लाइफ एजेंसियों ने सभी वाइल्ड वाइफ वार्डन को पत्र लिखकर दिए हैं। साथ ही यह भी कहा कि वन्य प्राणियों की देखभाल करने वाले केयर टेकर कोविड 19 के लिए जारी किए प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करें। मप्र वाइल्ड लाइफ मुख्यालय ने भी इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
मप्र वाइल्ड लाइफ मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक कोविड 19 को लेकर एक थ्योरी चल रही थी कि यह वायरस केवल इंसानों को प्रभावित करता है। इसका वन्य प्राणियों से कोई लेना देना नहीं है, लेकिन बाघ में वायरस की पुष्टि होने के बाद वन विहार और चिड़ियाघरों में चिंता बढ़ गई है।
एहतियात के तौर पर मप्र वाइल्ड लाइफ मुख्यालय ने भी जारी की गाइडलाइन
- चिड़ियाघरों और नेशनल में वन्य प्राणियों पर नजर रखें। सीसीटीवी के माध्यम से 24 घंटे सातों दिन निगरानी की जाए।
- पेट्रोलिंग टीम को किसी वन्य प्राणी का व्यवहार असामान्य लगे तो तुरंत डीएफओ व मुख्यालय के अधिकारियों को सूचित करें।
- वन्य प्राणियों की मौत के बाद पोस्टमार्ट में भी काेविड 19 में प्रोटोकॉल का पालने करें और शरीर के अवयवों को जांच के लिए चिह्नित लैब में ही भेजें।
- प्रदेश के वाइल्ड लाइफ वार्डन ने भी सभी 16 सर्किलों, टाइगर रिजर्व और वन विहार अौर तीन चिड़ियाघरों के वन्य प्राणियों की सघन निगरानी के आदेश दिए हैं।
वन क्षेत्रों में भी कोविड 19 के प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश
राजेश श्रीवास्तव, पीसीसीएफ, वाइल्ड लाइफ ने बताया कि सभी चिड़ियाघरों पर निगरानी रखने और संरक्षित व असरंक्षित क्षेत्रों में घूम रहे वन्य प्राणियों पर नजर रखने के आदेश दे दिए हैं। सभी अधिकारी और कर्मचारी कोविड 19 के लिए जारी प्रोटोकाॅल का पालन वन क्षेत्रों में भी करें। वहीं किसी वन्य प्राणी की मौत होने पर शरीर के अवयव तीन लैब में भेजने के आदेश दिए हैं।